Like Us on Facebook

Adsense Link

Thursday, 4 October 2012

Mai Shunya hu - Kavita by Ashish Awasthi

ना खोया है कुछ, न कुछ पाया है ,.,
एक शुन्य हूँ मै .,.,
जिसका कोई अस्तित्व ही नही है अकेले में.,
पर मुझे इस पर गम नही ,
क्यों ?
कि दुनिया का आधार हूँ .,.,
मै शुन्य हूँ .,. 




                                       -आशीष अवस्थी

No comments:

Post a Comment